विभिन्न प्रजातियों की नर्सरी तकनीकों का विकास कर, गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री प्राप्त करना, जिससे कि निम्नीकृत क्षेत्रों (degraded areas) का पुनर्वास किया जा सके

विभिन्न प्रजातियों के गुणवत्तापूर्ण बीज और रोपण सामग्री के स्रोतों (Sources ) की पहचान करना और बीज उद्यानों (Seed orchards ) की स्थापना करना

शीत मरुस्थलीय क्षेत्रों का पारिस्थितिकीय पुनर्स्थापन और अल्पाइन चारागाहों का प्रबंधन

खनन प्रभावित क्षेत्रों का पुनर्वास

एकीकृत कीट प्रबंधन और रोग नियंत्रण मॉडल का विकास

गैर-काष्ठ वन उत्पादों का इन-सीटू तथा एक्स-सीटू संरक्षण

हिमाचल में कृषि-वानिकी के विस्तार हेतु प्रयास करना

विभिन्न लक्षित समूहों को संरक्षण के प्रति जागरूक करना तथा उन तक शोध निष्कर्षों का प्रसार करना

अंतिम समीक्षा एवं अद्यतन तिथि: 30 Nov -0001