भावाअशिप-हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान

भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार के तहत एक स्वायत्त निकाय

संस्थान के अधिदेश में शीत मरूस्थल एवं खदान क्षेत्रों का पारिस्थितिक पुनर्वास तथा शितोषण क्षेत्रों के शंकु वृक्ष व् चौड़े पत्तीदार वनों के पुनर्जनन संबधिंत जरूरतों की जिम्मेदारी लेने के साथ-साथ अल्पाइन क्षेत्रों का प्रबंधन भी शामिल है ।

संस्थान का राष्ट्रीय अधिदेश शीत मरुस्थलों एवं अल्पाइन क्षेत्रों का प्रबंधन रखा गया है तथा इन विषयों वनीकरण शोध के लिए इस संस्थान को उच्च अध्ययन केंद्र घोषित किया गया है ।
अंतिम समीक्षा एवं अद्यतन तिथि: 18 May 2026

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